खबर लहरिया Blog धक् धक् की करयोग्राफर सरोज खान की धड़कन सदा के लिए बंद हो गई

धक् धक् की करयोग्राफर सरोज खान की धड़कन सदा के लिए बंद हो गई

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सरोज खान  1948-2020


बॉलीबुड में हो रही दुखद मौतों के बीच एक और नाम जुड़ गया वो है मशहूर करयोग्राफर ( डांस टीचर ) सरोज खान का। वह लंबे वक्त से बीमार थी उन्हें सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद 20 जून को बांद्रा स्थित गुरु नानक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहाँ 3 जुलाई की सुबह 2 बजे  71 साल की सरोज खान ने इस दुनिया से रुखसत लेली।

परिचय 

सरोज खान जन्म 22नवम्बर 1948 में हुआ था, उनके माता–पिता भारत के विभाजन के बाद भारत आए थे। सरोज खान की माँ और पिताजी कृशचन साधु सिंह और नोनी साधु सिंह है। सरोज ख़ान का नाम पहले निर्मला था, लेकिन इस्लाम धर्म अपनाने के बाद उन्होंने अपना नाम बदल लिया था. कोरियोग्राफर बी. सोहनलाल से नृत्य सीखते हुए 13 साल की उम्र में ही ख़ान ने उनसे शादी कर ली थी. उस समय सोहनलाल की उम्र 41 वर्ष थी और उनकी यह दूसरी शादी थी. उसके बाद सरोज खान ने  सरदार रोशन खान के साथ शादी की।

सरोज खान का करियर

सरोज खान को बॉलीवुड में ‘डांस की गुरू’ कहा जाता था। सरोज खान ने अपने चार दशक लंबे करियर में 2000  से ज्यादा गानों की कोरियोग्राफी की।  उनको तीन बार नेशनल अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है |
आपको बता दें कि सरोज खान  ने  बतौर बाल कलाकार अपने फिल्मी करिअर की शुरुआत की थी, लेकिन बाद में वह ‘बैकग्राउंड डांसर’ के तौर पर काम करने लगीं। सरोज ख़ान ने 1974 में फिल्म ‘गीता मेरा नाम’ से अपने कोरियोग्राफी करिअर की शुरुआत की लेकिन उन्हें पहचान 1987 में श्रीदेवी के गीत ‘हवा हवाई’ से मिली।  इसके बाद सरोज ख़ान ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक हिट गाने देती गईं।
उन्होंने ‘एक दो तीन’, ‘हम को आज कल है इंतज़ार’, ‘धक धक करने लगा’, ‘चोली के पीछे क्या है’, ‘डोला रे डोला’,  ‘निंबुड़ा’ आदि जैसे डांस नंबर्स भी दिए हैं।  उनकी आख़िरी फ़िल्म ‘कलंक’ थी।  उन्होंने नच बलिये, उस्तादों का उस्ताद, बूगी वूगी और झलक दिखला जा जैसे डांस रियलिटी शो को जज भी किया है।

सरोज के मौत पर बॉलीबुड के सेलेब्रिटी ने सोशल मिडिया पर दुःख व्यक्त किया 

माधुरी दीक्षित ने ट्वीट कर कहा, ‘अपने दोस्त और गुरु सरोज खान के निधन से टूट गई हूं।  नृत्य में मेरी पूरी क्षमता तक पहुंचने में मेरी मदद करने के लिए मैं हमेशा उनकी आभारी रहूंगी।  दुनिया ने एक अद्भुत प्रतिभाशाली व्यक्ति को खो दिया है।  मैं आपको याद करूंगी।  दिल से परिवार के प्रति मेरी संवेदना।’


कोरियोग्राफर–डायरेक्टर रेमो डिसूजा ने अपना दर्द बयां कर इंस्टाग्राम अकाउंट पर सरोज खान के साथ अपनी कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ”मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मुझे आपके साथ डांस करने का मौका मिला। मुझे इतना सबकुछ सिखाने के लिए आपको दिल से शुक्रिया। आपको हमेशा याद किया जाएगा। आप हमेशा हमारे दिल में हैं।”


अनुपमखेर ने ट्वीट कर कहा ” डान्स की मल्लिका सरोजखान जी अलविदा। आपने कलाकारों को ही नहीं बल्कि पूरे हिन्दुस्तान को बहुत ख़ूबसूरती से सिखाया कि “इन्सान शरीर से नहीं, दिल और आत्मा से नाचता है”। आपके जाने से नृत्य की एक लय डगमगा जाएगी। मैं पर्सनली ना सिर्फ़ आपको बल्कि आपकी मीठी डांट को भी बहुत मिस करूँगा।