खबर लहरिया Blog केरल क्रूरता कांड: क्यों क्रूर दानव बनता…

केरल क्रूरता कांड: क्यों क्रूर दानव बनता…

क्यों क्रूर दानव बनता जा मानव हैं आज,
मानवता कलंकित करते ना आती लाज।
मर गयी संवेदना क्या मानव के दिलो की,
पशु पंक्षी बेजुबानों का बन गया दगाबाज।
क्यों क्रूर दानव बनता…………………..
जंगल कटते देखकर जंगली पशु हैं उदास,
नदियों का जल रोककर पृथ्वी करें विनाश।
दौड़ रहे चारों तरफ लेकर पशु भूख प्यास।
कोरोना का कहर देखके ना आया तू बाज।।
क्यों क्रूर दानव बनता……………………
हाथिनी भूख के मारे कर गई तेरा विश्वास,
तू फल में विस्फोटक सामग्री दे किया नाश।
चोट दर्द के मारे तड़पके हाथिनी हुई निराश,
माँ बेटी हाथिनी जीवन जीने को हुई मोहताज।।
क्यों क्रूर दानव बनता……………………..
ऐसे कुकृत्यों से मानव तेरे ऊपर गिरेगी गाज,
ईश्वर कभी नहीं देगा चैन सुख शांति का ताज।
धरा का ऐसे ही कृत्यों के कारण होगा विनाश,
मानवता के पथ में मिलता सदा वैभव विलास।।
क्यों क्रूर दानव बनता………………………

 
-दीनदयाल सोनी, बाँदा उ.प्र.
स्वरचित रचना